कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर के शेयर बाजारों में कोहराम मचा है। स्वदेशी साख निर्धारक कंपनी इक्रा ने भारतीय विमानन क्षेत्र का परिदृश्य ऋणात्मक बनाए रखा है। इक्रा ने कहा है कि चीन तथा अन्य देशों में फैले कोरोना वायरस के कारण इस सेक्टर की मुश्किलें और बढ़ेंगी। इससे घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को विमानन कंपनियों के शेयरों में 10 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है।
इंटरग्लोब एविएशन के शेयर 9.99 फीसदी लुढ़के
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में देश की सभी प्रमुख विमानन कंपनियों के शेयरों में गिरावट का माहौल दिख रहा है। बीएसई में इंडिगो एयरलाइंस की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविशन के शेयर 9.99 फीसदी लुढ़ककर 1229.75 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे हैं। स्पाइसजेट के शेयरों में 6.06 फीसदी की गिरावट चल रही है और यह 82.10 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे हैं। कर्ज के कारण बंद पड़ी जेट एयरवेज के शेयर 4.84 फीसदी की गिरावट के साथ अपने लोअर प्राइस बेंड 24.55 रुपए प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे हैं।
भारतीय विमानन कंपनियों को होगा नुकसान
इक्रा ने कहा है कि यदि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों को जाने वाली सभी उड़ानें रद्द करनी पड़ती हैं तो अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भारतीय विमान सेवा कंपनियों को यात्रियों की संख्या में 19 से 24 प्रतिशत तक का नुकसान हो सकता है। हालांकि, विमान ईंधन सस्ता होने से कंपनियों के राजस्व नुकसान के एक हिस्से की भरपाई हो जाएगी, लेकिन यह पर्याप्त नहीं होगा। इक्रा ने स्प्ष्ट किया है कि उसने कोरोना वायरस के कारण चीन के कुछ हिस्सों में गतिविधियां ठप होने के कारण घरेलू विमानन क्षेत्र के लिए ऋणात्मक परिदृश्य जारी किया है। उसने कहा है कि कोरोना वायरस से प्रभावित देशों को जाने वाले मार्गों पर उड़ान रद्द करने से होने वाले सीधी नुकसान के साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान के कारण भी विमानन क्षेत्र पर परोक्ष प्रभाव पड़ेगा