फरवरी में चीन की मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों में भारी गिरावट आई है। इस दौरान चीन का मैन्युफैक्चरिंग पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) 35.7 पर आ गया। यह अब तक का सबसे निचला स्तर है। इंडेक्स में गिरावट इस बात का संकेत है कि चीन में मैन्युफैक्चिरंग से लेकर लगभग सभी सेक्टर में काम रुक गया है। चीन दुनिया के कई देशों को कच्चे माल की आपूर्ति करता है, इस कारण गिरावट का असर दुनिया की दूसरी अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ेगा। चीन ने 2005 से पीएमआई इंडेक्स के आंकड़े देना शुरू किया था। जनवरी में चीन का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई 50 पर था। विश्लेषकों के मुताबिक इस साल की पहली तिमाही में चीन की जीडीपी को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है।
नॉन मैन्यूफैक्चरिंग पीएमआई 54.1 से गिरकर 29.6 पर आया
नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टक्स ने कहा कि वाहन और विशेष इक्विपमेंट उद्योगों को भारी नुकसान पहुंचा है, लेकिन गैर-मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को और भी ज्यादा नुकसान पहुंचा है। एनबीएस ने एक बयान में कहा कि उपभोक्ता उद्योगों की मांग में गिरावट आई है। इनमें वे उद्योग शामिल हैं, जिनमें लोग एक जगह पर एकत्र होते हैं। इनमें परिवहन, अकोमोडेशन, कैटरिंग, पर्यटन और आवासीय सेवा शामिल हैं। नॉन-मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई फरवरी में गिरकर 29.6 पर आ गया, जो जनवरी में 54.1 पर था।
क्या होता है पीएमआई इंडेक्स
पीएमआई की शब्दावली में इंडेक्स के 50 से ऊपर रहने का मतलब यह होता है कि संबंधित उद्योग में विकास हुआ। इंडेक्स के 50 से नीचे रहने का मतलब यह हुआ कि उद्योग में गिरावट आई। यह 50 से जितना नीचे या ऊपर होता है, उद्योग में उतनी ही अधिक गिरावट या विकास का पता चलता है। फरवरी के लिए यह पहला आधिकारिक आर्थिक संकेतक है, जो यह बता रहा है कि दुनिया की दूसरी अर्थव्यवस्थाओं पर भी वायरस का बुरा असर हो सकता है।